हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हौज़ा न्यूज़ के प्रतिनिधि से बात करते हुए इस्लामी शूरा परिषद में क़ुम के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन क़ासिम रवानबख्श ने कहा कि मौजूदा जंगी हालात में ईरानी क़ौम के हौसले, शऊर और प्रशांत तरीक़े-अमल ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि जनता की सड़कों, चौराहों और शहरों के विभिन्न स्थानों पर मौजूदगी पहले के मुकाबले कहीं अधिक प्रमुख और बामानी हो गई है। उनके अनुसार, एक ऐसे हसास मरहले में जब देश को रहबर के फ़ुक़दान और कुछ आला कमांडरों की शहादत जैसे हालात का सामना था, दुश्मन ने यह गुमान कर लिया था कि वह इंक़िलाब-ए-इस्लामी को कमज़ोर कर देगा, लेकिन जनता की बरवक़्त मौजूदगी ने यह साज़िश नाकाम बना दी।
क़ासिम रवानबख्श ने कहा कि दुश्मन दाख़िली इंतिशारात और बेदामनी पैदा करना चाहता था, हालाँकि ईरानी जनता ने मैदान में आकर न सिर्फ इस मंसूबे को नाकाम बनाया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि यह क़ौम अपने इंक़िलाब, अपने रास्ते और अपनी ज़िम्मेदारियों से पूरी तरह आगाह है।
उन्होंने यह भी कहा कि अवामी बेदारी और क़ुर्बानी के जज़्बे ने दुश्मन को हैरान कर दिया है और मग़रिबी ज़राए-ए-इब्लाग़ अगरचे इस अवामी इस्तिक़ामत को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हक़ीक़त को छुपाया नहीं जा सकता।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश में क़ानून-साज़ी, हुकूमती निज़ाम-ओ-ज़ब्त और बुनियादी ज़रूरियात की फराहमी के सिलसिले में किसी भी तरह का बुहरान नहीं है।
उन्होंने आख़िर में कहा कि ईरानी क़ौम का यह प्रतिष्ठापूर्ण और मुनज़्ज़म रवैया इस बात की दलील है कि यह क़ौम सख़्त तरीन हालात में भी इस्तिक़ामत, निज़ाम और एतिमाद के साथ डटी रह सकती है।
आपकी टिप्पणी